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Personality Development व्यक्तित्व विकास

Last Updated on January 12, 2019 by Manoranjan Pandey

Self Improvement or Personality Development

 

Self Improvement or Personality Development: मेरे हिसाब से शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो खुद की जीवन से प्रेम ना करता हो. परन्तु ऐसे कम लोग हीं हैँ जो अपने जीवन को और बेहतर करने का प्रयास करते है.  क्या आपने कभी ये अफ़्रीकी कहावत सुना हैं कि… ” जबतक अंदरवाला आपका दुश्मन ना हो, तब तक बाहर का दुश्मन आपका बाल भी बांका नहीं कर सकता हैं. और ये बहुत हद तक सच भी हैं. Self Improvement or Personality Development के सन्दर्भ में इस कहावत का यह तात्यपर्य हैं कि जब हम खुद अपने आप का ख्याल नहीं रखेंगे तब दुनिया को ये मौका मिल जाता हैं और लोग हम पे और हमारे रहन सहन पे टिप्पणी करने लग जाते हैँ. यदि आप अपने आप में सुधार कर सकते हैँ जहाँ आपकी व्यक्तिगत विकास या Self Improvement की आवश्यकता आपको सबसे ज्यादा हो फिर कोई भी बाहरी शक्ति आपका कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता हैं.

कई बार हम ये गलती कर जाते हैँ की एक ही बार में सब कुछ सुधार लेने की कोशिश करते हैं, जबकि निरंतर छोटे छोटे सुधार करना वास्तव में एक बार में बड़े बदलाव करने से बेहतरीन होता है और अधिक प्रभावी भी हो सकता है. छोटे छोटे बदलाव धीरे धीरे हमारी आदतों में बदलता चला जाएगा जबकि बड़े बदलाव और वो भी एक झटके में करने से व्याकुलता या घबराहट का शिकार हो सकते हैं, अंततः विफलता ही हाथ लगती हैं. आपके द्वारा किये जाने वाले छोटे छोटे व दैनिक निर्णय या तो आपको अपने अंतिम लक्ष्य तक ले जाएंगे, या आपको गलत दिशा में भी ले जाना शुरू कर देंगे, इसके लिए हमें सही मार्गदर्शन की आवश्यकता पड़ सकती हैं, जिसके लिए आप कुछ अच्छी किताबों व पुस्तकों का अध्यन कर सकते हैं.

आज के समय में गूगल आपका best Information Friend है जहाँ कुछ भी ढूंढो तो उसके बारे में पता चल ही जाता है, तो आप भी गूगल पे जाकर best self improvement books type कीजिए आपको हज़ारो books दिख जाएगा. दैनिक, प्रतिदिन आत्म-चिंतन या आत्म-सुधार आपकी प्रेरणा और लक्ष्यों के लिए सकारात्मक चिन्ह है. व्यक्ति अपने संस्कार का का मालिक स्वयं होता है अब ये आपकी इक्छा की आप या तो सबसे अच्छा जीवन जी सकें या सिर्फ यु हीं हवा में तैरते रहें.

निरंतर अभ्यास आपको हर दिन बेहतर बनाता है 

1.पढ़ने या अध्यन करने की आदत बनायें Make a Reading Habit.

कहते हैँ की पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती, और ये सही भी है, पढना न केवल आपको अपना ज्ञान आधार बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि आपको लगातार नये शब्दों को सिखने का और शब्द भंडार बढ़ाने का भी मौका भी देगा, जो आपके मस्तिष्क को भी बढ़ाने में मददगार होगा. जैसे की प्रतिदिन शारीरिक व्यायाम से हमारी मांसपेशियां दुरुस्त होती हैँ उसी प्रकार पढ़ने की आदत से आपके दिमाग को उचित कसरत मिलता है एवं मेमोरी फंक्शन में सुधार होता है.
उम्र के साथ साथ मानव शरीर में बहुत सारे बदलाव होता है और यह एक सामान्य सी घटना है, उन्हीं में से एक है  memory या यादास्त का कमजोर होना, जिससे  मानसिक कार्यो में गिरावट होता जाता है. हालांकि ये अक्सर देखा गया है की नियमित रूप से पढ़ने से दिमाग़ को तंदरुस्त एवं तेज रखने में काफ़ी मदद मिलती है.
एक अच्छी पढ़ने की आदत आपको डैणक तनाव को काम करने, अपनी Memory Power यादाश्त बढ़ाने में, यहाँ तक की आपकी रचनात्मकता बढ़ाने यु कहे की आपको अधिक रचनात्मक बनाने में मदद करती है. और ऑटो और यह अल्ज़ाइमर और डिमेंशिया जैसे जटिल रोगों से बचने में भी मदद करता है. रेगुलर या निरंतर पढ़ाई से आपका Brain Healthy रखने में काफी help करता है. आप चाहे काम पर हो या tour कर रहें हो जितना संभव हो सकें मौका निकाल कर भी आपको पढ़ने की कोशिश करनी चाहिए.

2. विकासशील मानसिकता होना जरुरी है  Have a growth mindsets.

कुछ लोग एक निश्चित मानसिकता या Fixed mindset के साथ जीते हैँ, उनका ये मानना होता है कि आप अपनी एक अलग प्रतिभा, talents के साथ पैदा हुए हैँ, और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितना प्रयास और अभ्यास करते हैँ, आप उपलब्धि के एक निश्चित स्तर या level तक हीं पहुंच सकते हैँ.
हालांकि एक विकसित मानसिकता growth mindset के साथ आप मानते हैँ कि आप अपने अंदर हमेशा सुधार कि कोशिश जारी रख सकते हैँ. Life में दो बाते हमेशा याद रहें कि, सीखना और खुद को शिक्षित करना कभी न रुके. विकसित मानसिकता के साथ आपको अपनी बुद्धि और अपनी क्षमताओ को दृढ़ता के साथ बढ़ने में मदद मिलता है.

3. नियमित रूप से ध्यान साधना Meditate Regularly

ध्यान-साधना या Meditation तो भारतीय संस्कृत का एक प्राचीन हिस्सा रहा है. लोग तनाव और चिंता से निपटने के लिए हजारों सालों से ध्यान साधना कर रहें हैँ. ध्यान और विशेष रूप से सावधानी पूर्वक दिमाग़ीपन ध्यान आपको शांति और स्पष्टता प्राप्त करने में सहायक होता है.
धयान करने के कई तरीके हो सकते है जो कि धयान के उदेश्य और व्यक्ति पर निर्भर करता है कि कौन ध्यान कर रहा है, लेकिन नियमित आधार पर ध्यान देनेवाला कोई भी व्यक्ति शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक तरीको से इसका पुरा लाभ उठाएगा.
ध्यान आपको तनाव और चिंता से राहत देने के साथ साथ रक्तचाप Blood pressure को कम करता है, Cholesterol को कम करता है, शरीर को ऑक्सिजन का अधिक कुशलता से उपयोग करने में मदद करता है और अच्छी नींद लाने में भी सहायक होता है.

4. अपनी लक्ष्यों और मूल्यों को अपनी प्राथमिकता बनाएं

आपकी प्राथमिकताये वे चीज हैँ जो वर्तमान समय में सबसे महत्वपूर्ण एवं सार्थक हैं. यदि आप स्वयं को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो आपको कुछ ऐसा करना होगा जिससे आप समझौता करना नहीं चाहते.
अपने मूल्यों और लक्षयों कि जांच करें, और सुनिश्चित करें कि आप आज जो कर सकते हैं वाह वास्तव में अंततः उन लाक्ष्यो तक पहुँचने के लिए कर रहें हैं. वास्तव में बिना लक्ष्य निर्धारित किये आप कुछ प्राप्त नहीं कर सकते है, इसलिये ये सुनिश्चित करें कि आपके पास लक्ष्य और योजना दोनों है तभी आप सफल हो सकते हैं.

to be continued Part 2……….. 

आशा है कि आपको व्यक्तित्व विकास पर यह लेख पसंद आया होगा। अपने विचारों, प्रतिक्रियाओं या सुझावों को साझा करें, जिन्हें हम इस व्यक्तित्व विकास लेख में जोड़ सकते हैं 🙂 मुझे आपकी टिप्पणियां comments पढ़ना अच्छा लगेगा।

आपका बहुत बहुत धन्यवाद……

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1 thought on “Personality Development व्यक्तित्व विकास

  1. Bahut hi aching Lekh hair .Maine Personality development pe bahut see Lekh padhi hai par aaj kuchh jyada hi details me Jane KO mila. Ummid karta hu Part 2 bhi Itanaa hi gyanvardhak hoga.
    Dhanywad

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