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पुलवामां में शहीद जवानों के लिए एक कविता “माँ के लिए शहीद बेटे की भावना”

Last Updated on February 17, 2019 by Manoranjan Pandey

पुलवामां में शहीद जवानों के लिए एक कविता “माँ के लिए शहीद बेटे की भावना”

वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि.

शहादत का सेहरा बांधे, मृत्यु से विवाह रचाता हुँ
जन्मभूमि की रक्षा खातिर, अपनी भेंट चढ़ाता हुँ
मैं तेरा बेटा बनकर आया, इस दुनियाँ में माँ लेकिन
भारत माँ का बेटा बनकर, इस दुनियाँ से जाता हुँ

माँ देख तिरंगा मेरे तन पर, कितना सुन्दर खिलता है
ऐसा क़फ़न मेरी माँ बस, किस्मत वालों को मिलता है
देकर समर्पण मातृभूमि को, गर्व से मैं इठलाता हुँ
मैं तेरा बेटा बनकर आया, इस दुनियाँ में माँ लेकिन
भारत माँ का बेटा बनकर, इस दुनियाँ से जाता हुँ

एक अकेले मैंने माँ, दस दस को धूल चटाई है
मैंने पीठ दिखाई नहीं, गोली सिने पे खाई है
गिरने से पहले शत्रु को, तारे दिन में दिखलाता हुँ
मैं तेरा बेटा बनकर आया, इस दुनियां में माँ लेकिन
भारत माँ का बेटा बनकर, इस दुनियाँ से जाता हुँ

मेरी शहादत को माँ तुम, मत आंसुओ से धो देना
मरकर भी मैं अमर हुआ, न वीरगति पर रो देना
देकर सांसे इस मिट्टी को, इसका कर्ज चुकाता हुँ
मैं तेरा बेटा बनकर आया, इस दुनियाँ में माँ लेकिन
भारत माँ का बेटा बनकर, इस दुनियाँ से जाता हुँ

ऋणी हुँ तेरा मेरी माँ, ऋण तेरा चूका न पाया मैं
तेरी क़दमों में खुशियों की, माला सजा न पाया मैं
पर भारत माँ के चरणों में, अपनी देह बिछाता हुँ
मैं तेरा बेटा बनकर आया, इस दुनियां में माँ लेकिन
भारत माँ का बेटा बनकर, इस दुनियाँ से जाता हुँ

संभव है माँ भ्रष्टाचारी, हक़ शहीदों का भी खा जायें
क़फ़न की कीमत लगे और, ताबूत घोटाले हो जाये
रहा बिच कुछ मक्कारों के, पर अपना फ़र्ज निभाता हुँ
मैं तेरा बेटा बनकर आया, इस दुनियां में माँ लेकिन
भारत माँ का बेटा बनकर, इस दुनियाँ से जाता हुँ

मैं तेरा बेटा बनकर आया, इस दुनियां में माँ लेकिन
भारत माँ का बेटा बनकर, इस दुनियाँ से जाता हुँ

”सैंकड़ों परिंदे आसमान पर आज नजर आने लगे”
”बलिदानियों ने दिखाई है राह उन्हें आजादी से उड़ने की”
-अज्ञात 

दोस्तों आज पूरा देश पुलवामां में शहीद उन जवानों के लिए रो रहा है , मिलकर ये कसम खाएं की उन दरिंदो को भी हम ख़ून की आंसू रुलायेंगे.

मेरा अपने देश की सरकार और प्रधानमंत्री पर पूरा भरोसा है की वो हमारे वीर जवानों की शहादत बेकार नहीं जाने देंगे . 

भारत माता की जय 

जय हिन्द 🙏🙏

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11 thoughts on “पुलवामां में शहीद जवानों के लिए एक कविता “माँ के लिए शहीद बेटे की भावना”

  1. श्रद्धांजलि. दिल को छू लेने वाली कविता के लिए धन्यवाद.

  2. इस कविता से देश वासियों को प्रेरणा मिलती है कि हम जिस भी जगह रहे हमें भी देश के लिए कुछ न कुछ अच्छा करना चाहिए ।
    कवि को बहुत-बहुत बधाई ।

    1. उत्साहवर्धन के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद. कविता मेरी नहीं है परन्तु कवि को आपके तरफ से धन्यवाद पहुंचा दिया जायेगा.

  3. Bahut hi sundar kavita likha hai aapne. Aaj ke din padh kar man me bahut dard Hua. Aapke meant ke liye Thanks.

    1. धन्यवाद आपका जो आपने अपना कीमती समय दिया. वाकई में आज के दिन में यह कविता बड़ा हीं मार्मिक सन्देश देता है

  4. Bahut hi Sundar Kavita likhe hai ap, yah Kavita padhkar man ko kafi thandhak pahuchi hai…thanks for writing this awesome line

    1. राजेश जी कविता पढ़ने के लिए आपका ह्रदय से धन्यवाद. ऐसे ही हमारे post को पढ़ा करें और हमारा हौसला बढ़ाए.

  5. पुलवामा के शहीदों को समर्पित ये कविता बहुत अच्छी लगी। उम्मीद है आप इसी तरह अपने बेहतरीन पोस्ट से हमें जानकारी देते रहेंगें ।

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