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पानी पिने का तरीका क्या है? पानी कब, कैसे, और कितना पीना चाहिए?

Last Updated on October 1, 2021 by Manoranjan Pandey

Contents

पानी पिने का सही तरीका क्या है?

क्या आप जानते हैं कि पानी कब? कैसे? और कितना पीना चाहिए? 

What is the correct way to drink water?

 

पानी पिने का सही तरीका क्या है
पानी पिने का तरीका

 

पानी पिने का सही तरीका : हममें से ज्यादातर लोग को पानी पिने का सही तरीका नहीं मालुम होगा, हमलोग पानी को इतना मामूली सा चीज समझते हैं कि हमें लगता है कि हम जब चाहें, जैसे चाहें, और जितनी मात्रा में चाहें पानी को पी सकते हैं. लेकिन पानी के बारे में हमारी यह समझ बिलकुल गलत है. 

Most of us will not know the right way to drink water, we think of water as such a trivial thing that we feel that we can drink water whenever we want, however we want, and in whatever quantity we want. But this understanding of ours about water is completely wrong.

क्योंकि पानी देखने में जितना साधारण लगता है जितनी मामूली जान पड़ती है उतनी साधारण है नहीं.

क्या आप जानते हैं कि पानी हमारे शरीर के हर एक अंग को ठीक से काम करने और शरीर में बनने वाले विषैले पदार्थ को बाहर निकालने के लिए उतना हीं आवश्यक होता है?

चाहें समस्या हमारे पेट का हो या त्वचा सम्बंधित कोई समस्या हो या फिर वजन घटना या बढ़ना हो, पानी एक बहुत बडा Role Play करता है.

इसलिए ये जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि पानी की सही मात्रा, पानी पिने का सही समय और पानी किस तरीके से पिया जाना चाहिए जो हमारे स्वास्थ्य को ठीक रखने में सहायक हो. 

पानी पिने का सही तरीका अगर मालुम हो जाय तो कई समस्याओ से निजात मिल सकता है .

यदि हमें पानी पिने का तरीका, पानी पिने का समय, और पानी कैसे पीना चाहिए साथ हीं इसके क्या क्या फायदे और नुकसान की जानकारी न हो तो व्यक्ति चाहे जितनी भी अच्छी से अच्छी और पौष्टिक आहार ले ले, उसका सही लाभ शरीर को नहीं मिल पाता है. और इंसान को भविष्य में बहुत सारी Health Problems face करनी पड़ती है. जैसे कि…..

पानी के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं : पानी पिने का तरीका

 

Symptoms Of Acute Dehydration पानी पिने का सही तरीका
Dehydration-Symptoms

 

 

🔥 भोजन का ठीक से न पचना (अपचन) Indigestion

🔥 कब्ज़ का बनना Constipation

🔥 पेट में गैस बनना Acidity

🔥 लिवर की कमजोरी Liver weakness problem

🔥 सुस्ती आना Lethargy

🔥 गुर्दे की पथरी का होना Kidney stones

🔥 रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमीं Reduced immunity

🔥 बार बार बीमार पड़ना

🔥 त्वचा रोग Skin Allergy का होना, जैसे की दादखु जली, चेहरे पर पिम्पल्स Pimples On Face दाग़ धब्बे / White warts/Black warts का होना. Skin का बहुत ज्यादा तैलीय(Oily) या सूखा (Dry) होना इत्यादि.

🔥 खाया – पिया हमारे शरीर को न लगाना

🔥 जोड़ों और घुटनो में दर्द होना/रहना

🔥 शरीर में अनचाहे जगहों पर Fat जमा हो जाना

🔥 हमेशा सर दर्द और चक्कर आना

🔥 वजन का अनियमित बढ़ना या घटना

🔥 बालों का लगातार झरना

🔥 रातों को ठीक से नींद न आना….. इत्यादि बीमारी सिर्फ पानी को गलत तरीके और गलत मात्रा में पिने से हो सकता है.

अब आप भी समझ रहे होंगे कि पानी हमारे शरीर के लिए इतना Important क्यों है और पानी पिने का तरीका सही होना कितना आवश्यक है.

पानी पिने का सही तरीका का पालन नहीं करने से ना केवल हमारे शरीर को नुकसान पहुँचता है बल्कि इसका सीधा असर हमारे दीमाग कि गतिविधियों पर भी पड़ता है.

तो चलिए जानते है कि पानी हमारे लिए इतना आवश्यक क्यों है और इसका हमारे शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है.

हमारे शरीर के लिए पानी इतना जरुरी क्यों है?

Why is water essential for our body?

हमारे शरीर में 10% भी पानी की कमी हो तो हमारी जान भी जा सकती है.

Why is water essential for our body
Why is water essential

 

कई वैज्ञानिक अनुसन्धान यानि Scientific Research के अनुसार एक व्यक्ति बिना खाना खाये 2 हफ्ते या उससे अधिक तक तो जीवित रह सकता है, किन्तु 1 बूंद पानी के बिना 5 दिन से अधिक जीवित नहीं रह सकता है.

आज आपको ये जान लेना चाहिए कि हमारे शरीर में 65% से 70% तक पानी की मात्रा होती है. हम जितना भी पानी या Liquid पीते हैं, हमारे शरीर के Internal Organs यानि हमारे आंतरिक अंग उनका इस्तेमाल कर लेती हैं जिससे वे ठीक से Functions कर पायें .

जैसे कि हमारे….

  • Kidney

  •  Liver

  • Lungs and

  • Digestive System

 

हमारे शरीर के अंग पानी का इस्तेमाल करते हैं हमारे Body के सभी हिस्सों को ठीक से काम करने के लिए और सबसे ज्यादा हमारे Body के कोशिकाओं यानि Cells को जीवित रखने के लिए.

हमारे शरीर में लगातार पानी की कमी होती रहती है, यही कारण है कि दिनभर में एक बार एक गिलास पानी पीना शरीर में पानी की पूर्ति करने के लिए पर्याप्त नहीं है. ये सारी समस्या का जड़ पानी पिने का तरीका नहीं मालूम होने के कारण है.

पसीना आने पर, पेशाब या Bathroom जाने पर यहाँ तक कि जब हम सांस भी छोड़ते हैं तो भी शरीर से पानी का ह्रास होता है. मल मूत्र एवं पसीने के जरिये हरदिन हमारे शरीर से लगभग 2 लीटर तक पानी बाहर निकल जाता है. जिसे restore करना जरुरी होता है.

यूनिवर्सिटी ऑफ रोचेस्टर मेडिकल सेंटर के अनुसार, यदि Dehydration के कारण मानव शरीर के कुल वजन का 10% से अधिक पानी का नुकसान होता है तो मौत हो भी सकती है.

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एक  दिन में कितना पानी पीना चाहिए? 

How much water should you drink each day? 

 

ये तो अब आप समझ हीं चुके हैं कि पानी हमारे शरीर के लिए कितना आवश्यक है. दिनभर में पानी पिने के मात्रा प्रत्येक व्यक्ति के शरीर के आकर, वजन, Physical Activities और मौसम पर निर्भर करता है.

एक सामान्य और स्वस्थ व्यक्ति को कम से कम दिनभर में 2.5 से 3 लीटर तक पानी अवश्य पीना चाहिए.

अलग अलग किताबों और सूचनाओं में पानी को पिने का अलग अलग मात्रा बताये गए हैं. कोई कहता है कि 12 ग्लास तो कोई 8 ग्लास पानी रोज़ पीने कि सलाह देता है.

अब ये प्रश्न उठता है कि ग्लास का साइज़ क्या हो?

 

ग्लास का साइज़ क्या हो
ग्लास का साइज़

 

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अलग अलग घरों में ग्लास का Size अलग अलग होता है. कुछ घरों में लोग छोटे ग्लास का तो कुछ लोग बहुत बड़े ग्लास का इस्तेमाल करते हैं.

चलिए ये मान भी लें की आप daily 12 ग्लास पानी पी रहे हैं, परन्तु आपके ग्लास का size काफ़ी छोटा हो जिसमें मात्र 100 ml से 150 तक हीं पानी आता हो. इस तरह से तो आप बहुत कम पानी पी रहे है.

और यदि आपके ग्लास का size बड़ा है तो आपका पूरा समय टॉयलेट में निकल जायेगा. क्योंकि body को जितनी पानी की आवश्यकता होगी वो उतना हीं Observed करेगा, शेष टॉयलेट के माध्यम से बाहर आ जायेगा.

ग्लास की Standard size की बात की जाय तो 250 ML से 300 ML की ग्लास को हीं अनुसन्धान में approval दिया गया है. इसलिए इसी size की ग्लास का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है.

दूसरा सवाल ये उठता है की व्यक्ति का आकर और वजन कितना है? 

 

मान लीजिये कि किसी व्यक्ति की लम्बाई 6′ फुट है और उसका वजन 90 किलो है तो उसके लिए 12 ग्लास पानी Sufficient/पर्याप्त है. परन्तु किसी व्यक्ति की लम्बाई मात्र 5′ फुट है एवं उसका वजन 50-60 किलो है तो उसके लिए यह मात्रा बहुत अधिक हो जायेगा.

दोस्तों मतलब ये साफ है कि ग्लास का खेल fail है. फिर? फिर यही कि आप पानी उतना पीयें जितने से आपकी प्यास भुझ जाय और आपका मन तृप्त हो जाय. आपका शरीर आपसे उतनी हीं पानी का डिमांड करता है जितना उसे आवश्यक होता है.

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Physical Activities
Physical activities

 

👉 जो लोग अधिक physical activities करते हैं उन्हें थोड़ा अधिक पानी पीना चाहिए.

👉 जो लोग एक्सरसाइज या gym में वर्कऑउट करते हैं उन्हें भी आम लोगों के मुकाबले ज्यादा पानी पीना चाहिए.

👉 गर्मी के दिनों में अधिक पसीना निकलता है तो उस समय पानी कि मात्रा बढ़ा देना चाहिए.

 

क्या जरुरत से ज्यादा पानी पी लेने पर शरीर को कोई नुकसान पहुंचता है? 

 

दोस्तों इसका जवाब बड़ा Simple है कि जरुरत से ज्यादा कोई भी चीज नुकसानदेय होता है. जरुरत से ज्यादा पानी पी लेने पर हमारे kidney का काम बढ़ जाता है और ख़ून यानि Blood में Sodium के लेवल कम होने के Chances बहुत ज्यादा रहते हैं.

लेकिन ऐसा बहुत कम हीं होता है क्योंकि अक्सर लोग उतना भी पानी नहीं पीते हैं जितना कि पानी पिने की लिमिट होती है. ऐसा नुकसान तब होता है जब कोई व्यक्ति एक बार में 2 ltr या दिनभर में 4-5 ltr पानी पी ले. 

 

शरीर में पानी की कमी का कैसे पता लगायें : 

 

👉 जब भी हमरे शरीर में पानी की कमी होती है तो हमारे पेशाब Urine का रंग पीला पड़ जाता है.

👉 पाचन शक्ति कमजोर होने लगती है.

👉 कब्ज़ बनना, पेट में बार बार कब्ज़ होना शरीर में कम पानी का होना हो सकता है .

👉 चेहरे की त्वचा और बाकी शरीर की Skin रूखी, सुखी, ढीली और बेजान होने लगती है.

👉 थकावट होना, अक्सर गर्मियों में थकावट होना आम बात है, परन्तु हर समय थकावट महसूस होना अच्छा संकेत नहीं है.

👉 मुँह सुखना एवं मुँह से बदबू आना शरीर में पानी की कमी होने का एक संकेत भी हो सकता है.

इसलिए शुरू में हीं पानी पिने के सही तरीके और मात्रा पे ध्यान नहीं दिया जाय तो ये लक्षण भविष्य में एक गंभीर बीमारी का रूप ले लेते हैं. इसलिए हर दिन एक नियमित मात्रा में पानी का पीना बहुत जरुरी होता है.

पानी में क्या क्या होता है? और पानी के फायदे क्या हैं?

 

पानी में 0 zero Calories होता है, बावजूद ये हमारे शरीर को hydrate करके शरीर से ज़हरीले पदार्थ को बाहर निकलने में यह बहुत मदद करता है.

👉 पानी हमारे स्किन को साफ रखता है.

👉 दिमाग़ को तंदरुस्त रखता है.

👉 पाचन क्रिया को ठीक रखता है.

👉 आँखो की रौशनी बनाये रखता है.

👉 हड्डियों को मजबूत बनाये रखता है.

👉 और पानी हमारे सभी अंगों को ठीक तरह से काम करने में मदद करते रहता है.

दोस्तों कुछ लोग पानी को इतना साधारण समझते है की उन लोगों को लगता है की वे जब चाहें जैसे चाहें पानी पी सकते हैं लेकिन ऐसा सोचना बिलकुल भी सही नहीं है

पानी कैसे पीना चाहिए? How to drink water?

पानी कैसे पीना चाहिए
How to drink water

 

क्योंकि एक तरह के पानी को अलग अलग तरीके से पीने से इसका शरीर पे अलग अलग असर होता है. अतः पानी पिने का तरीका सही से मालुम होना चाहिए.

👉 इसलिए पानी हमेशा बैठकर और धीरे धीरे पीना चाहिए.

👉 पानी को घूंट घूंट करके पीना चाहिए.

👉 पानी को मुँह में रखकर 4-5 सेकण्ड तक इधर उधर घुमाएं, जैसे की आप कुल्ला करते समय करते हैं. ऐसा करने से मुँह का लार Saliva जो कि alkaline होता है, हमारे पेट में जाकर पाचन क्रिया में मदद करता है. 

 

How to drink water
How to drink water

 

👉 कई बार हम ये गलती करते है कि खड़े खड़े जल्दी जल्दी पानी पिने लगते हैं. ऐसा करना काफ़ी हानिकारक है, और हमारा किडनी उसे ठीक से फिल्टर नहीं कर पाता है.

Wrong Way to drink water
Wrong-way to drink water

 

👉 अक्सर ये देखा जाता है कि लोग जल्दबाजी में सीधा बोतल को मुँह से हटाकर खड़े खड़े पूरा मुँह खोलकर पानी पीते हैं जो कि एक गलत आदत है. ऐसा करने से पानी पिने के क्रम में बाहर कि हवा भी हमारे पेट में पहुंच जाता है, जिससे बीमार होने के चान्सेस बढ़ जाते हैं और जोड़ों में दर्द होने कि संभावना बढ़ जाती है.

👉 पानी हमेसा बैठकर धीरे धीरे और 3-4 साँसों में हीं पीना चाहिए.

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पानी कैसा होना चाहिए? गर्म, ठंडा या नार्मल? 

 

  • हम यदि कोई भी अधिक ठंडा चीज खाते या पीते हैं तो हमारा शरीर उसे पहले गर्म करता है फिर उसे अपने काम में लेता है. जबतक पानी गर्म न हो जाये तब शरीर को उसे काम में लाने के लिए इंतजार करना पड़ता है.
  • ठंडा पानी हमारे द्वारा खाये गये खाने को काफ़ी सख्त बना देता है, जिससे कि पाचन क्रिया बहुत धीमी हो जाती है और पेट में कब्ज़ होने लगता है.
  • इसलिए पानी हमेशा नार्मल या हल्का गर्म हीं पीना चाहिए .
  • क्योंकि हल्का गर्म पानी को हमारा शरीर तुरंत काम में लेता है और हमारे द्वारा खाये गये खाने को तोड़ने में भी हल्का गर्म पानी बहुत मदद करता है, जिससे पाचन शक्ति मजबूत होती है और पेट भी खुलकर साफ होती है.
  • यदि आप भी पानी पिने का तरीका नहीं जानते तो इसलिए लेख को पढ़ें.

पानी कब पीना चाहिए और कब नहीं पीना चाहिए? 

दोस्तों यह एक ऐसा प्रश्न है कि अक्सर हम गलतियां कर हीं बैठते हैं. पानी कब पीना चाहिए ये जानने से पहले हमें ये जान लेना चाहिए कि पानी कब नहीं पीना चाहिए?

पानी कब नहीं पीना चाहिए 

👉 खाना खाने वक़्त एक या दो घूंट पानी आवश्कता अनुसार पीना चाहिए. इसमें कोई बुराई भी नहीं है बल्कि कई बार सूखा खाना गले से आसानी से निचे पेट में उतर जाता है.

👉 लेकिन खाना खाते समय या खाने के तुरंत बाद पेट भर के पानी नहीं पीना चाहिए. कभी भी खाना खाते time फुल ग्लास पानी नहीं पीना चाहिए.

👉 खाना खाने के तुरंत बाद पेट भर के पानी पी लेने से यह हमारे द्वारा खाये गये खाना को बहुत पतला बना देता है और पाचक रस भी ठीक से नहीं निकल पाता जिससे पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है.

👉 दिन में पानी जितना हमारे शरीर के लिए लाभकारी होता है, रात को उतना हीं नुकसानदेय हो सकता है.

👉 रात को सोने से ठीक पहले या रात को अचानक नींद खुलने पर यदि इच्छा हो या गला सुख रहा हो तो ज्यादा से ज्यादा आधा ग्लास पानी हीं पीना चाहिए.

रात को सोते समय हमारा शरीर उतना Active नहीं रहता है जिससे पानी हमारे शरीर में ठीक से इस्तेमाल हुये बिना हीं किडनी में फ़िल्टर होने पहुंच जाता है और किडनी को प्रभावित करता है.

Fruites
Fruits

👉 फल fruits जैसे केला, अंगूर, सेब, अमरुद इत्यादि  🍇🍈🍊🍌🍋🍎 या कच्चा हरी सब्जी जैसे कि खीरा – ककड़ी या गाजर, मूली 🥒🥒🌽🥕 इत्यादि खाने के बाद भी पानी नहीं पीना चाहिए . 

 

Eat Green vegitables
Tomatoes Carrots Reddish

 

👉 बहुत गर्म चीज खाने या पिने के बाद पानी नहीं पीना चाहिए. जैसे कि गर्म दूध, चाय, कॉफी या Ice cream, Jush, लस्सी इत्यादि.

Hot Coffee
Hot Tea

👉 विश्व में कई प्राचीन चिकित्सा प्रणाली है, जिसमें आयुर्वेद प्राचीनतम है. आयुर्वेद में कहा गया है कि भोजन के तुरंत बाद पानी पीना जहर पिने के बराबर है। इससे जठराग्नि मंद पड़ जाती है (जो कि भोजन को पचाने एवं शरीर को मुख्य ऊर्जा एवं प्राण प्रदान करने का काम करती है)

अतः ऐसा करने से भोजन के पाचन क्रिया प्रभावित होती है जिससे भोजन पचने के बजाय गल जाता है. जिससे हमारे पेट में अधिक मात्रा में गैस और एसिड बनता है और एक दुष्चक्र शुरू हो जाता है. अतः पानी पिने का तरीका बदले.

पानी कब पीना चाहिए

दोस्तों हमें कुछ भी खाने से पहले हर सुबह अपने पेट कि सफाई अवश्य करनी चाहिए और पानी से बेहतर कुछ भी नहीं जो हमारे पेट कि सफाई कर सके.

👉 सुबह सुबह उठने के बाद हमें खाली पेट पानी पिने कि आदत डालनी चाहिए. रात को हम जो खाना खाना खाते है तो उनमें से कुछ विषैले पदार्थ के रूप में हमारे पेट में जाम जाते हैं. उनको बाहर निकलने में गुनगुना पानी (हल्का गर्म ) बहुत हद तक मदद करता है.

👉 एक या दो 1-2 ग्लास पानी सुबह खाली पेट में पी लेने से पेट में जमे toxins को बाहर निकलने में मदद करता है.

👉 खाना खाने के कम से कम 45 मिनट या 1 घंटे के बाद हीं पानी पीना चाहिए.

महर्षि वाघ भट्ट ने 103 रोगों के बारे में बताया है जो भोजन के तुरंत बाद पानी पीने से होते हैं. और ऐसा तब होता है जब हमें पानी पिने का तरीका का ज्ञान नहीं हो.

भोजन और पानी के बीच 45 से 1.5 घंटों का अंतर होना चाहिए। इसके आलावा यह भूगोलीय स्थितियों पर भी निर्भर करता है।

पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वालों को खाने के बाद ज्यादा देर से पानी पीना चाहिए बजाय की निचले और गर्म भागों में रहने वालों के। क्योंकि वातावरण के अनुसार ही भोजन को पचने में समय लगता है.

इसलिए पानी पिने का तरीका सही से जानना बहुत आवश्यक है.

नोट : – उम्मीद करता हुँ कि यह Post पानी पिने का सही तरीका आपको पसंद आया होगा. कृपया कमेंट के माध्यम से अपना विचार अवश्य प्रकट करें.

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M K Pandey.

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2 thoughts on “पानी पिने का तरीका क्या है? पानी कब, कैसे, और कितना पीना चाहिए?

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