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Cryptocurrency क्या है, क्रिप्टोकरेंसी कितने प्रकार की होती है पूरी जानकारी हिंदी में – What is Cryptocurrency in Hindi

Cryptocurrency क्या है Bitcoin kya hai

Last Updated on November 2, 2021 by Manoranjan Pandey

Cryptocurrency Kya Hai | क्रिप्टोकरेंसी कितने प्रकार की होती है | क्रिप्टोकरेंसी की ग्रोथ कैसे होती है | How Cryptocurrency Works | Cryptocurrency List, Cryptocurrency क्या है | क्रिप्टोकरेंसी क्या है

What is Cryptocurrency in Hindi :- आज के समय में जिसे भी देख रहे हैं वो Cryptocurrency के पीछे भाग रहा है, बहुत ही कम समय में, Cryptocurrency ने वित्तीय बाजार में अपनी ताकत दिखाई है। क्रिप्टो करेंसी को डिजिटल मनी (Digital Money) भी कहा जाता है क्योंकि यह केवल ऑनलाइन उपलब्ध है और हम इसे ऑनलाइन ही खरीद या बेच सकते हैं। हम सभी लोग जानते है की भारत में रुपया, अमेरिका में डॉलर, यूरोप में यूरो आदि अन्य मुद्राओं को वहाँ की सरकारे पूरे देश में लागू करती हैं और उसी तरह से इन करेंसी का उपयोग पूरी दुनिया में भी किया जाता है। लेकिन यहां समझने वाली बात यह है कि इन क्रिप्टोकरेंसी पर सरकार का कोई हाथ नहीं है क्योंकि ये विकेंद्रीकृत मुद्रा हैं, इसलिए इन पर किसी एजेंसी या सरकार या किसी बोर्ड का कोई अधिकार नहीं है, जिसके कारण इनके मूल्य को विनियमित या नियंत्रित जा सकता है।

तो दोस्तों हमने सोचा क्यों न आज आपको Cryptocurrency क्या है और यह कितने प्रकार का होता है, इसके बारे में पूरी जानकारी दी जाए, क्योकि इस विषय पर आजकल जोर-शोर से चर्चा हो रही है, तो यह आपका अधिकार हो जाता है कि आप भी इस Cryptocurrency के बारे में जानें और दूसरों को शिक्षित करें। तो फिर बिना देर किये चलिए जानते हैं कि यह Cryptocurrency क्या है और इसके कितने प्रकार होते हैं।

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Contents

Cryptocurrency क्या है

दोस्तों क्रिप्टो करेंसी (Cryptocurrency) एक वर्चुअल करेंसी है, जिसे साल 2009 में पेश किया गया था। पहली क्रिप्टो करेंसी सबसे लोकप्रिय बिटकॉइन थी। क्रिप्टो करेंसी असली सिक्कों और नोटों के समान नहीं होता है। इसका मतलब है कि हम इस मुद्रा को पैसे की तरह अपने हाथ में नहीं ले सकते हैं या इसे अपनी जेब में नहीं रख सकते हैं, लेकिन यह हमारे डिजिटल वॉलेट में सुरक्षित रहता है। इसलिए आप इसे ऑनलाइन करेंसी भी कह सकते हैं, क्योंकि यह केवल ऑनलाइन मौजूद है। बिटकॉइन से भुगतान कंप्यूटर द्वारा किया जाता है। आप पहले से ही जानते हैं कि हमारे भारतीय रुपये और इसी तरह यूरो, डॉलर जैसी मुद्रा पर सरकार का पूरा नियंत्रण है, लेकिन Bitcoins जैसी क्रिप्टोकरेंसी पर किसी का कोई नियंत्रण नहीं है। सेंट्रल बैंक या किसी भी देश और एजेंसी जैसे सरकारी प्राधिकरण का इस वर्चुअल करेंसी पर कोई नियंत्रण नहीं है। इसका मतलब यह है कि बिटकॉइन पारंपरिक बैंकिंग प्रणाली का पालन नहीं करता है, लेकिन कंप्यूटर वॉलेट से दूसरे वॉलेट में स्थानांतरित होता है।

Cryptocurrency क्या है

क्या क्रिप्टो करेंसी भारत में लीगल है?

जब भी क्रिप्टो करेंसी का नाम कोई सुनता है तो उसके मन में यह सवाल आता है कि क्या क्रिप्टो करेंसी लीगल है तो दोस्तों आपको बता दें कि कई देशों में क्रिप्टोकरंसी को लीगल कर दिया गया है पर इस पर कई देशों ने प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। यदि बात भारत की करी जाए तो आपको बता दें कि भारत में जब से सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है तब से क्रिप्टो करेंसी पूरी तरह से लीगल हो गई है कोई भी व्यक्ति क्रिप्टो करेंसी बेच व खरीद सकता है एवं इससे काफी फायदा उठा सकता है।

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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला क्रिप्टोकरेंसी में लेनदेन की इजाजत दी।

Cryptocurrency क्या है:- क्रिप्टो करेंसी के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला किया जिसके अनुसार वर्चुअल करेंसी के  जरिये से क्रिप्टोकरेंसी में लेनदेन की जा सकती है। आरबीआई ने क्रिप्टो करेंसी के लेनदेन पर पाबंदी लगा दी थी आरबीआई पर आपत्ति जताते हुए इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने वर्ष 2018 में आरबीआई के फैसले पर आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट में यात्री याचिका दाखिल करने का फैसला लिया और उन्होंने याचिका दाखिल की भी और हम आपको यह भी बता दें कि इससे पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने उन संस्थाओं के खिलाफ यह नोटिस जारी किया था जो क्रिप्टो करेंसी को रेगुलेट करती हैं कि वह क्रिप्टो करेंसी का लेनदेन नहीं कर सकती।

इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट एक बड़ा फैसला सुनाया और कहा कि भारत में क्रिप्टो करेंसी का लेनदेन किया जा सकता है। क्रिप्टो करेंसी चर्चा का विषय उस वक्त बनी जब इसमें एक जबरदस्त उछाल आया और यह उछाल बिटकॉइन में था। फ्री बिटकॉइन में 100 गुना अधिक उछाल आया था जो लोग लखपति थे वह करोड़पति बन गये और जो करोड़पति से वह अरबपति बन गये।

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क्रिप्टोकरेंसी कितने प्रकार की होती है – Cryptocurrency क्या है , क्रिप्टो करेंसी क्या है?

देखा जाए तो कई क्रिप्टोकरेंसी हैं लेकिन उनमें से कुछ ही हैं जो अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं और जिन्हें आप बिटकॉइन के अलावा इस्तेमाल कर सकते हैं।

Cryptocurrency क्या है

Bitcoin (BTC)

अगर हम Cryptocurrency की बात करें और Bitcoin की बात न करें तो यह बिल्कुल भी संभव नहीं है. क्योंकि बिटकॉइन दुनिया की पहली क्रिप्टोकरेंसी है। जिसे सतोशी नाकामोतो ने 2009 में बनाया था।

यह एक डिजिटल मुद्रा है जिसका उपयोग केवल ऑनलाइन सामान और सेवाओं को खरीदने के लिए किया जाता है। यह एक विकेंद्रीकृत मुद्रा है जिसका अर्थ है कि इस पर सरकार या किसी संस्था का कोई हाथ नहीं है।

अगर आज की बात करें तो इसका मूल्य बहुत बढ़ गया है, जो अब लगभग 13 लाख है, एक सिक्के का मूल्य। इससे आप इसके वर्तमान के महत्व के बारे में पता लगा सकते हैं।

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Ethereum (ETH)

Bitcoin के जैसे ही Ethereum भी open-source, decentralized blockchain-based computing platform है. इसके Founder का नाम है Vitalik Buterin. इसके Cryptocurrency token को ‘Ether’ भी कहा जाता है.

Cryptocurrency

ये Platform इसके users को digital token बनाने में मदद करता है जिसकी मदद से इसे currency के तोर पर इस्तमाल किया जा सकता है. हाल ही में ही एक Hard Fork के होने से Ethereum दो हिस्सों में विभाजित हो गया है Etherem (ETH) और Etheriem Classic (ETC). Bitcoin के बाद ये दूसरा सबसे प्रसिद्ध Cryptocurrency है.

Litecoin (LTC)

Litecoin भी decentralized peer-to-peer cryptocurrency है जिसे की एक open source software जो की release हुआ है under the MIT/X11 license के अंतर्गत October, 2011 में Charles Lee के द्वारा जो की पहले एक Google Employee रह चुके हैं.

इसके बनने के पीछे Bitcoin का बहुत बड़ा हाथ है और इसकी बहुत सारी features Bitcoin से मिलती झूलती हैं. Litecoin की block generation की time Bitcoin के मुकाबले 4 गुना कम है. इसलिए इसमें Transaction बहुत हो जल्दी पूर्ण हो जाती हैं. इसमें Scrypt algorithm का इस्तमाल होता है Mining करने के लिए.

Dogecoin (Doge)

Dogecoin की बनने की कहानी काफी रोचक है. इसे Bitcoin को मजाक करने के लिए कुत्ते से उसकी तुलना की गयी जो आगे चलकर एक Cryptocurrency का रूप ले लिया. इसके Founder का नाम है Billy Markus. Litecoin की तरह ही इसमें भी Scrypt Algorithm का इस्तमाल होता है.

Cryptocurrency क्या है

आज Dogecoin की Market Value है $197 million से भी ज्यादा और इसे पुरे विश्व में 200 merchants से भी ज्यादा में accept किया जाता है. इसमें भी Mining दूसरों के मुकाबले बहुत जल्दी होती है.

Faircoin (FAIR)

Faircoin एक बहुत ही बड़े grand socially-conscious vision का हिस्सा है जो की Spain-based co-operative organization है और जिसे Catalan Integral Cooperative, or CIC के नाम से भी जाता जाता है.

ये Bitcoin की blockchain technology का इस्तमाल करता है, लेकिन ज्यादा socially-constructive design के साथ. दुसरे cryptocurrencies के जैसे Faircoin mining or minting new coins के ऊपर तो बिलकुल भी निर्भर नहीं करता है.

लेकिन उसके जगह में ये certified validation nodes, or CDNs, का इस्तमाल करते हैं block generation के लिए. Faircoin में coins को verify करने के लिए proof-of-stake or proof-of-work के बदले में ‘proof-of-cooperation’ का इस्तमाल किया जाता है.

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Dash (DASH)

इसके पहले के नाम थे XCoin और Darkcoin, Dash, का अर्थ है की ‘Digital’ और ‘Cash’. ये एक open source, peer-to-peer cryptocurrency है Bitcoin के जैसे ही.

लेकिन इसमें Bitcoin की तुलना में ज्यादा features मेह्जुद है जैसे की ‘InstantSend’ और ‘PrivateSend’. InstantSend में Users आसानी से अपने transactions को पूर्ण कर सकते हैं वहीँ Privatesend में transaction पूरी तरह से safe होता है जहाँ की users की privacy को काफी importance दिया जाता है.

Dash में एक uncommon algorithm का इस्तमाल होता है जिसे की ‘X11’ जिसकी खासियत ये है की ये बहुत ही कम powerful hardware से भी Compatible हो जाता है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग अपने currency को खुद ही mine कर सकें. X11 बहुत ही energy efficient algorithm है, जो की Scrypt की तुलना में 30% तक कम बिजली की खपत करता है.

Peercoin (PPC)

Peercoin जो की पूरी तरह से Bitcoin protocol पर based है और जिसमें की बहुत सी Source code दोनों में मिलती झूलती हैं. इसमें transaction को verify करने के लिए केवल Proof of work पर ही मिर्भर नहीं किया जाता बल्कि इसके साथ Proof of stake system को भी नज़र में रखा जाता है.

जैसे की नाम से पता चलता है की Peercoin भी peer-to-peer cryptocurrency है Bitcoin के जैसे ही, जिसमें की source code को release किया गया है MIT/X11 software license के अंतर्गत.

Peercoin भी Bitcoin के जैस ही SHA-256 algorithm का इस्तमाल करता है. और इसमें transaction और mining करने के लिए बहुत ही कम पॉवर की जरुरत पड़ती है.

Ripple (XRP)

Ripple 2012 में release हुआ और ये distributed open source protocol के ऊपर based है, Ripple एक real-time gross settlement system (RTGS) है जो की अपनी खुद की Cryptocurrency चलता है जिसे की Ripples (XRP) भी कहा जाता है.

ये बहुत ही ज्यादा और famous Cryptocurrency है और जिसकी overall market cap है लगभग $10 billion. इनके Officials के अनुसार Ripple users को “secure, instant and nearly free global financial transactions किसी भी size के करने के लिए प्रदान करती है और जिसमें कोई भी chargebacks नहीं होती है.

Monero (XMR)

ये असल में Bytecoin के fork से पैदा हुआ है सन 2014 में और उसके बाद से ही ये प्रसिधी लाभ की है. ये cryptocurrency सभी systems जैसे की Windows, Mac, Linux, Android, and FreeBSD में काम करती है.

Bitcoin के जैसे ही Monero भी privacy और decentralization पर focus करती है. Bitcoin और Monero में जो सबसे महत्वपूर्ण अंतर है वो ये की Bitcoin में high-end GPUs का इस्तमाल होता है वहीँ Monero में consumer-level CPUs का इस्तमाल होता है.

Shiba INU Coin In Hindi – Cryptocurrency क्या है

शीबा इनु, जिसे शीबा टोकन के रूप में भी जाना जाता है, SHIBA INU जिसे अगस्त 2020 में “रयोशी” नाम के सख्श ने बनाया था। SHIBA IN कॉइन को डॉगकोइन के बाद तैयार किया गया था और मई 2021 तक इसका बाजार पूंजीकरण $6 बिलियन से अधिक हो गया था ।

Cryptocurrency क्या है

SHIBA IN टोकन की कीम  1 रुपये से भी बहुत कम है – और यह उपयोगकर्ताओं को “अरबों या यहां तक ​​कि खरबों में SHIBA INU कॉइन को  रखने” की अनुमति देता है,  SHIBA INU  TOKEN डोगेकोईन का एक वैकल्पिक कॉइन है, और अभी यह बहुत चर्चा में चल रहा हैं और अगर आप क्रिप्टोकोर्रेंसी में निवेश करने का शोक रखते है तो आप इसमें जरूर निवेश करे तो आइये जानते है की कैसे आप SHIBA INU TOKEN खरीद सकते है.

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बिटकॉइन क्या है (Bitcoin kya hai)

Bitcoin क्रिप्टोकरेंसी पहली ग्लोबल विकेंद्रीकृत (decentralized) करेंसी है, जोकि डिजिटल दुनिया के लिए बनाई गई है. इसका प्रयोग कभी भी और कहीं भी किया जा सकता है. इसकी सहायता से एक व्यक्ति किसी दुसरे व्यक्ति को कही भी बिना किसी थर्ड पार्टी और बैंक की मदद से पैसे भेज सकता है.

यानि आप अपने बिटकॉइन वॉलेट से किसी दूसरे व्यक्ति के बिटकॉइन वॉलेट में पैसे भेज सकते हैं. इसके लिए आपको सिर्फ ढाई सेंड (यानि 1 रूपये 67 पैसे) देने होते हैं. यह एक तरह की डिजिटल करेंसी है, जिसका निर्माण और नियमन इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्था की सहायता से किया जाता है. यह पैसों के लेनदेन का बहुत ही फ़ास्ट तरीका है. यह सिर्फ दो लोगों के बीच की प्रक्रिया है, अतः इसमें किसी भी तीसरे व्यक्ति की जरुरत नहीं होती. इसके लेनदेन में पैसे कोड्स के रूप में आपके बिटकॉइन वॉलेट में आते हैं. यह कोई प्रिंटेड करेंसी नहीं है. इसे लोगों द्वारा ही तैयार किया जाता है. इससे समस्त संसार में कंप्यूटर की सहायता से एक अच्छा व्यापार शुरू हो गया है. इसलिए कंप्यूटर आज की आवश्यकता बन गई है.

बिटकॉइन की शुरुआत (Bitcoin Startup)

इसे जनवरी वर्ष 2009 में ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के रूप में पहली बार सातोशी नाकामोतो (Satoshi Nakamoto) द्वारा जारी किया गया था. ये एक प्रोग्रामर है. इसके बारे में कोई नहीं जानता है. अलग – अलग जगह पर अलग – अलग लोग अपने आपको सातोशी नाकामोतो होने का दावा करते रहे हैं, लेकिन आज तक इसके असली प्रोग्रामर का पता नहीं चला है. आज के समय में कई ऐसे प्रोग्रामर इसे और सुरक्षित एवं मजबूत बनाने में लगे हुए हैं. इसका मूल उद्देश्य पैसा एक स्थान से दुसरे स्थान पर बिना किसी थर्ड पार्टी अथवा कोई केन्द्रीय अथॉरिटी की सहायता से जारी करना था. विश्व भर में इससे सम्बंधित सॉफ्टवेयर तैयार किये गये हैं. 22 मई 2010 में पहली बार एक पिज्ज़ा के बदले 10 हजार बिटकॉइन की पेशकश की गई थी. उस समय 1 बिटकॉइन की कीमत 10 सेंड या उससे भी कम थी, लेकिन आज इसकी कीमत हजार गुना बढ़ चुकी है. इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों द्वारा खरीदें जाने के कारण इसकी कीमत लगातार बढ़ती ही जा रही हैं. 

बिटकॉइन की वैल्यू (Bitcoin Value)                                                                      

5 साल पहले एक बिटकॉइन की कीमत 6 रूपये थी. किन्तु आज इसकी कीमत लगभग 45,000 रूपये हैं. भारत में 2015 में एक बिटकॉइन की कीमत 14 हजार रूपये थी, साल 2016 में यह बढकर 30 हजार रूपये हो गई और आज इसकी कीमत 45,000 रूपये हैं. एक अनुमान के अनुसार अगले साल यह 6 लाख तक हो सकती है.

बिटकॉइन कैसे काम करता है (How Does Bitcoin Work)      

इसका आदान प्रदान पीयर टू पीयर तकनीक से होता है यानि ये पैसे सीधे एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में पहुँच जाते है. यह आम लोगों में बटे एक ब्लॉक चैन के रूप में भेजा जाता है. जैसे बैंक आपके पैसों का हिसाब रखता है वैसे ही ये ब्लॉक चैन हर बिटकॉइन का हिसाब रखते हैं. यानि दुनिया में कही भी किसी भी जगह पर हुए इसके लेनदेन का हिसाब इस ब्लॉक चैन में होता है. चूकि हर लेनदेन को वेरिफाई किया जाता है और नेटवर्क इसका रिकॉर्ड रखता है, इसलिए इसमें धोखाधड़ी नहीं हो सकती. इस तकनीक को वे हजारों लोग सुरक्षित बनाते हैं जो पावरफुल कंप्यूटर्स की मदद से इस लेनदेन पर नजर रखते हैं. और इसकी जाँच करते हैं. इसके लिए जो भी इसे सफलता पूर्वक कर लेता है उसे इनाम के तौर पर कुछ बिटकॉइन दिए जाते हैं. इसे बिटकॉइन की माइनिंग कहा जाता है.

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दरअसल कोड भाषा में होने वाले इस लेनदेन को वेरीफाई करने वाले हजारों लोग बैंक के एक क्लर्क की तरह काम करते हैं, और इन्हें माइनर्स कहा जाता है. ये लोग लेनदेन पर नजर रखते हैं ताकि इसका गलत इस्तेमाल न हो. लेकिन इस प्रक्रिया को पूरी करते समय इन माइनर्स को एक गणित की समस्या को हल करना होता है. जो माइनर जितनी जल्दी इस समस्या को हल करता है. उसे इसके बदले में करीब 12.5 बिटकॉइन मिलते हैं, और इस तरह से यह डिजिटल बाजार में आ जाते हैं. लेकिन इसकी अर्थव्यवस्था का निर्माण इस तरह से किया गया है कि एक समय के बाद इसकी संख्या घट कर आधी रह जाती है. शुरुआत में 1 ब्लॉक से 50 बिटकॉइन निकला करते थे. प्रति ब्लॉक बिटकॉइन की संख्या हर 4 वर्षों में घटकर आधी रह जाती है. यानि लगभग 125 वर्षों के बाद नए बिटकॉइन का निर्माण बंद हो जायगा. तब तक दुनिया में 2 करोड़ 10 लाख बिटकॉइन आ चुके होंगे. यह जल्द समाप्त हो जाएगी, इसलिए लोगों में इसे ज्यादा से ज्यादा खरीदने की होड़ लगी हुई है.

SHIBA INU Coin कैसे खरीदें

अगर आप SHIBA INU Coin खरीदना चाहते है तो आपके पास भारत में बहुत सारे विकल्प उपलब्ध है जिसके बारे में हम आपको इस लेख में बातएंगे तो आइये जानते है SHIBA INU Coin कैसे खरीद , इसके लिए आपके पास भारत में सबसे बढ़िया साधन  WAZIRX  मोबाइल एप्लीकेशन है और मोबाइल एप्लीकेशन पूरी तरह से भारतीय एप्लीकेशन है जिसके मदद से आप SHIBA INU Coin आसानी से खरीद सकते इसके अलाव आपके पास अन्य और भी विकल्प है|

आपकी जानकारी के लिए बता दे  WAZIRX द्वारा गुरुवार को  SHIBA INU Coin गलत तरीके से 3 रुपये में सूचीबद्ध किया गया था और कंपनी ने स्पष्ट किया कि गलत कॉन्फ़िगरेशन के कारण लिस्टिंग अधिक मूल्य पर हुई। इसकी खोज के बाद, कीमतें 0.0015 के स्तर तक गिर गईं।

वर्तमान में WAZIRX  प्लेटफॉर्म में शीबा इनु का की कीमत  0.001417 से 0.001419 के दायरे में हो रहा है। 17 मई 2021 तक, कुल 394.796 ट्रिलियन शिबा टोकन प्रचलन में थे, बाजार पूंजीकरण $6.52 बिलियन अमरीकी डालर के साथ।

अन्य प्लेटफॉर्म जैसे कि

  • Uniswap
  • CoinDCX
  • BINANCE

के वेबसाइट ने SHIBA INU Coin को भी सूचीबद्ध किया है। Uniswap Ethereum के नेटवर्क पर एक विकेन्द्रीकृत ट्रेड है जो BTC , DOGE और Ethereum- आधारित टोकन के लिए क्रिप्टोकरेंसी खरीदने और बेचने की अनुमति देता है। इन सिक्कों को भारतीय रुपये (INR) में नहीं खरीदा जा सकता है, बल्कि केवल USDT / BUSD में खरीदा जा सकता है।

SHIBA INU का मालिक कौन है?

शीबा इनु का मालिक : रयोशी नाम का कोई व्यक्ति है, हालांकि इस व्यक्ति का वास्तविक नाम कोई नहीं जानता। मेम सिक्के का नाम जापानी कुत्ते की नस्ल शीबा इनु के नाम पर रखा गया है।

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क्रिप्टोकरेंसी की ग्रोथ कैसे होती है ? – Cryptocurrency क्या है

Cryptocurrency Kya Hai

क्रिप्टोकरेंसी की ग्रोथ कैसे होती है यह जानने के लिए हमें इसका मार्केट में प्रदर्शन देखना होगा ब्लैक मार्केटिंग में इसका प्रदर्शन बहुत अच्छा है इसमें इन्वेस्ट करना काफी फायदे का सौदा साबित हो सकता है इतने ज्यादा क्रिप्टो करेंसी या बाजार में मौजूद हैं लगभग 900 से 1000 तक Cryptocurrency बाजार में उपलब्ध है जब यह क्रिप्टो करेंसी जब लांच की गई थी जब इनकी कीमत जीरो के बराबर थी लेकिन उसमें कुछ की कीमत आज $1000 तक के बराबर है।इसका अंदाजा लगा सकते हैं कि फ्यूचर में यह करेंसी कितनी तरक्की कर सकती है और लोगों का रुझान शेयर बाजार से हटकर अब इस तरफ होने लगा है।

History Of Cryptocurrency

  • सबसे पहले वर्ष 1963 में  अमेरिकी क्रिप्टो ग्राफर डेविड चाउम ने इस गुमनाम इलेक्ट्रॉनिक है कल्पना की थी जिसे एक्स कहा जाता है।
  • उसके बाद वर्ष 1995 में क्रिप्टोकरंसी को लागू किया गया।
  • जिसके बाद वर्ष 1996 में नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी द्वारा हाउ टू मेक टू मेक इंक्रिप्ट इलेक्ट्रॉनिक कैश की फोटोग्राफी का एक पेपर प्रिंट करवाया जिसमें उन्होंने क्रिप्टोकरंसी प्रणाली के बारे में विस्तार से बताया।
  • उसके बाद वर्ष 1997 में अमेरिकन लो रिव्यू में प्रकाशित किया गया।
  • वर्ष 1998 में विदाई ने बी पैसा का वर्णन प्रकाशित करवाया जिसमें उन्होंने एक गुमनाम इलेक्ट्रॉनिक नगदी प्रणाली के रूप में चित्रित किया गया।
  • जिसके तुरंत बाद निक सुजाबो ने बिट गोल्ड का वर्णन करवाया।
  • पहली बार वर्ष 2009 में ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के रूप में बिटकॉइन को जारी किया गया था यह पहला विकेंद्रीकृत क्रिप्टोकरंसी है।
  • बिटकॉइन जारी होने के बाद से, अन्य क्रिप्टोकरेंसी बनाई गई हैं।
  • मार्च 2018 में, क्रिप्टोक्यूरेंसी शब्द को मरियम-वेबस्टर डिक्शनरी में जोड़ा गया था ।

कानूनी तौर पर क्रिप्टो करेंसी का यूज मान्य है या नहीं

यह तो अब तक आप को पता चल गया होगा कि क्रिप्टो करेंसी क्या है और इसका उपयोग कैसे करते हैं लेकिन अभी भी बहुत से लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा होगा कि क्या कानूनी तौर पर क्रिप्टो करेंसी का यूज़ मान्य है या फिर नहीं। आपकी जानकारी के लिए हम बताना चाहेंगे कि यह फैसला आप पर निर्भर करता है कि आप किस देश में रहकर इसका उपयोग कर रहे हैं क्योंकि अभी तक कुछ देश ऐसे हैं जहां पर कानूनी तौर पर क्रिप्टो करेंसी को मान्यता नहीं मिली है उन देशों में भारत भी एक है।

यही नहीं, कुछ देशों ने इसे ‘ग्रे जोन’में रखा है। ग्रेजोन का मतलब ऐसे देश हैं जहां पर क्रिप्टो करेंसी को अपचा औपचारिक तौर पर ना तो बैन किया गया है और ना ही इसके प्रयोग की मान्यता दी गई है।निर्विवाद रूप से क्रिप्टो करेंसी में अच्छी ग्रोथ के चलते भारतीय नागरिकों का रुझान भी इसकी तरफ देखने को मिल रहा है। इसलिए उम्मीद की जाती है कि भारत सरकार भी भविष्य में कोई सकारात्मक पहल करेगी।

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Cryptocurrency Market

वह जगह जहां पर क्रिप्टोकरंसी इसकी खरीद और ट्रेंडिंग होती है उस जगह को क्रिप्टोकरंसी मार्केट कहते हैं। इसे क्रिप्टो करंसी एक्सचेंज डिजिटल, करंसी एक्सचेंज, कॉइन मार्केट और क्रिप्टो मार्केट जैसे नामों से भी जाना जाता है। इस मार्केट में आप कोई भी क्रिप्टो करेंसी खरीद और बेच सकते हैं और इन्वेस्ट भी कर सकते हैं जैसे कि Monero, Ethereum, Bitcoin, Voicecoin,Redcoin, Lightcoin आदि। यह बात नहीं पता तो हम आपको बताना चाहेंगे कि क्रिप्टो करंसी एक्सचेंज ज्यादातर क्रेडिट कार्ड वायर ट्रांसफर और अन्य डिजिटल माध्यमों से पेमेंट स्वीकार करती है। यहां आप कागज की मुद्रा को क्रिप्टो करेंसी में और क्रिप्टो करेंसी को fiat money में बदल सकते हैं। यहां हम आपको कुछ वेबसाइट के नाम बताएंगे जहां पर आप क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज कर सकते हैं।

Top Cryptocurrency Exchange websites

  • Binance
  • Coinbase
  • Bitfinex
  • Kraken
  • Bitstamp
  • Bitflyer
  • Cucoin
  • Bittrex
  • Coinone
  • Coincheck
  • Crypto.com

क्रिप्टो करेंसी में लेजर क्या है?

Cryptocurrency क्या है:- प्रत्येक क्रिप्टो करेंसी में एक बहीखाता या लेजर होता है इसका उपयोग सभी लेनदेन सार्वजनिक तौर पर किए जाते हैं ताकि हर चीज सबके सामने हो। लेजर होने से सभी को पूरी ईमानदारी के साथ लेनदेन करना पड़ता है। लेजर डेटाबेस में एंट्री की एक लिस्ट होती है जिसे कोई भी शर्तों को पूरा किए बिना नहीं बदला जा सकता है। लेजर या क्रिप्टोक्यूरेंसी ब्लॉकचैन किसी के पास नहीं होती। बल्कि इसके डीसेंट्रलाइज्ड का मतलब बाहरी हस्तक्षेप के बिना स्व-संचालित (Self-Run) और स्व-शासित (Self-Governed) है।

Cryptocurrency के लाभ

  • क्रिप्टोकरेंसी के भविष्य को अगर देखा जाए तो यह काफी फायदेमंद हो सकता है इसमें नुकसान की गुंजाइश ना के बराबर है क्योंकि यह डिजिटल करेंसी है इसलिए इसे सौदा बहुत सोच समझकर करा जाता है
  • ट्रांजेकशन करते वक्त भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि एक बार ट्रांजैक्शन हो गई तो दोबारा वापस नहीं आ सकती इसमें बेईमानी बहुत कम होती है
  • इसका इस्तेमाल अब आम होता जा रहा है जो कि समझ में आता जा रहा है कि यह फायदे का सौदा साबित हो सकता है क्योंकि इसकी कीमतों में काफी तेजी से बढ़ोतरी होती है।
  • इसका सारा काम डार्क वेब में ब्लैक चैन के द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

Cryptocurrency के नुकसान

  • जब किसी काम में फायदा होता है तो उसमें नुकसान भी हो सकता है इसमें सारा काम इलीगल तौर पर किया जाता है जिसकी किसी भी देश की सरकार जिम्मेदार नहीं होती इस पर अपने रिस्क पर काम करना पड़ता है
  • इसमें इन्वेस्ट करने का कोई सबूत नहीं होता इसका ज्यादातर कारोबार ड्रग्स माफिया हथियारों की तस्करी और कालाबाजारी होता है।
  • अगर आपके कॉइन कोई हैक कर ले तो आप किसी को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते क्योंकि यह पूरी प्रक्रिया किसी बैंक के सरकार के अधीन कार्य नहीं करती यह स्वयं ही कार्य करती है
  • इसलिए इसमें जितने फायदे की गुंजाइश है उतने नुकसान की गुंजाइश भी हो सकती है इसका उपयोग अवैध धंधों में किया जाता है जो डार्क चैन की सहायता से होता है।

क्या सरकार क्रिप्टोकरेंसी को सपोर्ट करती हैं ?

सरकार द्वारा क्रिप्टो करेंसी का बीमा नहीं किया जाता है क्योंकि ऑनलाइन क्रिप्टो करेंसी में बैंक अकाउंट में पैसों के समान सुरक्षा नहीं दी जाती है उसका मुख्य कारण यह है कि यदि आप किसी कंपनी द्वारा प्रदान किए गए डिजिटल वॉलेट में अपनी करेंसी को स्टोर करते हैं और यदि अगर कंपनी अपने व्यवसाय से बाहर हो जाती है या फिर कोई अन्य व्यक्ति उसे हैक कर लेता है तो हो सकता है कि सरकार आपके पैसे वापस नहीं ले पाए।

धोखाधड़ी या घोटाले की शिकायत कहा दर्ज करे?

क्रिप्टो करेंसी या अन्य डिजिटल संपत्ति आपके पास है तो यदि आपके साथ कोई धोखाधड़ी या अन्य संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत करना चाहते हैं नीचे बताए गए एड्रेस पर कर सकते हैं।

  • एफटीसी पर ftc.gov/complaint
  • कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) में 866 – 366 – 2382 या पर CFTC.gov/TipOrComplaint
  • अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) sec.gov/tcr पर

Conclusion

मुझे आशा है की मैंने आप लोगों को Cryptocurrency क्या है (Cryptocurrency in Hindi) के बारे में पूरी जानकारी दी और मैं आशा करता हूँ आप लोगों को Cryptocurrency के बारे में समझ आ गया होगा. मेरा आप सभी पाठकों से गुजारिस है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Share करें, जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और इससे सबको बहुत लाभ होगा.

आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ. मेरा हमेशा से यही कोशिश रहा है की मैं हमेशा अपने readers या पाठकों का हर तरफ से हेल्प करूँ, यदि आप लोगों को किसी भी तरह की कोई भी doubt है तो आप मुझे बेझिजक पूछ सकते हैं. मैं जरुर उन Doubts का हल निकलने की कोशिश करूँगा. आपको यह लेख Cryptocurrency क्या है कैसा लगा हमें comment लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिले.

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FAQs Cryptocurrency क्या है

दुनिया की सबसे पहली क्रिप्टो करेंसी कौन सी है?

दुनिया की सबसे पहली क्रिप्टोकरंसी बिटकॉइन है।

बिटकॉइन का आविष्कार कब किया गया था?

1 जनवरी वर्ष 2009 में हुआ था।

बिटकॉइन का मालिक कौन है?

बिटकॉइन का मालिक सतोशी नाकामोतो है।

क्या भारत में क्रिप्टो करेंसी का इस्तेमाल अवैध है?

हमारे देश में क्रिप्टो करेंसी को अभी मान्यता प्रदान नहीं की गई है और ना ही इसके लिए कोई कानून का निर्माण किया गया है, परंतु आने वाले समय में भारतीयों के क्रिप्टो करेंसी के रुझान को देखते हुए सरकार अवश्य किसी कानून या फिर क्रिप्टो करेंसी को मान्यता देने से संबंधित आदेश अवश्य जारी करेगी।

क्या हम भारत में रहकर क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर सकते हैं?

आज हमारे देश में कई सारे क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने के माध्यम आ चुके हैं और हम उन माध्यम का इस्तेमाल करके क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर सकते हैं।

क्या क्रिप्टो करेंसी में निवेश करना सुरक्षित है?

इसकी गारंटी हम नहीं देते यह आपके इस क्षेत्र में अनुभव और निवेश करने के माध्यम पर निर्भर करता है।

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